अंबेडकरनगर। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के 26 परिवारों को 76 गोवंश सुपुर्द किए गए। पशुपालन विभाग ने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत यह वितरण किया। इनमें कुपोषित बच्चों वाले छह परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें 10 गोवंश दिए गए। योजना का उद्देश्य गोवंश संरक्षण के साथ परिवारों को आजीविका का अवसर उपलब्ध कराना और बच्चों के पोषण में सुधार करना है।
विभाग के अनुसार, विकासखंड टांडा के भड़सारी और डांडी, जहांगीरगंज के तेंदुआई खुर्द तथा रामनगर के अखलासपुर स्थित गो-आश्रय स्थलों से गोवंश दिए गए। सामान्य श्रेणी के 20 परिवारों को 66 गोवंश सुपुर्द किए गए। वहीं, पोषण मिशन के तहत कुपोषित बच्चों वाले छह परिवारों को 10 गोवंश मिले।
एक गोवंश पर हर महीने 1,500 रुपये की सहायता
योजना के तहत गोवंश के भरण-पोषण के लिए लाभार्थियों को प्रति गोवंश 1,500 रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से दिए जाते हैं। एक परिवार अधिकतम चार गोवंश ले सकता है। इस आधार पर चार गोवंश के भरण-पोषण के लिए हर महीने अधिकतम 6,000 रुपये की सहायता मिल सकती है।
दूध से बच्चों के पोषण में सुधार की उम्मीद
पोषण मिशन के तहत गोवंश पाने वाले परिवारों को उनसे मिलने वाला दूध बच्चों के आहार में शामिल करने का अवसर मिलेगा। इससे कुपोषित बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य में सुधार में मदद मिल सकती है। वहीं, गोवंश से परिवारों को आजीविका का अतिरिक्त साधन भी मिल सकता है।
गो-आश्रय स्थलों से ले सकते हैं गोवंश
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इच्छुक लोग विभागीय नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गो-आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश को पालन-पोषण के लिए प्राप्त कर सकते हैं। योजना के माध्यम से गोवंश संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।









