बांदीपोरा। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में प्रतिबंधित संगठन इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन से कथित जुड़ाव के आरोप में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें चार महिलाएं शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इस नेटवर्क को सीमा पार से फंडिंग मिली थी। मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 10 और 13 के तहत केस दर्ज किया गया है।
14 से 15 गुप्त बैठकें होने का दावा
पुलिस के मुताबिक, बांदीपोरा और आसपास के इलाकों में कथित तौर पर 14 से 15 गुप्त बैठकें हुई थीं। इनमें से पांच से छह बैठकें बांदीपोरा-बारामूला रोड स्थित एक छोटे होटल में आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांचकर्ता इन बैठकों के उद्देश्य और उनमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगा रहे हैं।
7 से 8 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच
जांचकर्ताओं का दावा है कि एक साल से अधिक की अवधि में करीब सात से आठ लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए। पुलिस फंडिंग के स्रोत और रकम के इस्तेमाल की पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के बीच पैसे किस तरह पहुंचाए गए।
वहीद अहमद भट से शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, जांच कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा निवासी वहीद अहमद भट से शुरू हुई। उसे वर्ष 2022 में एक सम्मेलन के बाद UAPA के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का दावा है कि कुपवाड़ा जेल में रहने के दौरान भट ने पाकिस्तान में मौजूद बताए गए मंजूर अहमद शाह से दोबारा संपर्क किया।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसके बाद कथित नेटवर्क ने अपनी विचारधारा का प्रचार करने और समर्थन जुटाने के लिए बैठकें आयोजित कीं। इन दावों की पुष्टि और नेटवर्क की पूरी भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
बैंक खाते में जमा हुए 2.26 लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, करीब 2.26 लाख रुपये बांदीपोरा के डाचीगाम निवासी मुबीना बानो के जम्मू-कश्मीर बैंक खाते में जमा किए गए। बाकी रकम कथित तौर पर नकद पहुंचाई गई।
जांचकर्ताओं का दावा है कि रकम का कुछ हिस्सा सहयोगियों के बीच बांटा गया, जबकि कुछ पैसे वहीद अहमद भट के इलाज पर खर्च किए गए। पुलिस अब संदिग्ध लेन-देन, फंडिंग के स्रोत और आरोपियों के बीच कथित संपर्कों की जांच कर रही है। गिरफ्तार लोगों पर लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं।









