नई दिल्ली। 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस के दौरान कई तकनीकी गड़बड़ियां सामने आने की जानकारी सामने आई है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम तीन बार फेल हुआ और ऑटोपायलट भी डिस्कनेक्ट हो गया था।
को-पायलट ने संभाला मैनुअल कंट्रोल
ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने के बाद को-पायलट ने तुरंत मैनुअल तरीके से विमान का कंट्रोल संभाला। विमान के कई इंडिकेटर स्विच भी कुछ समय के लिए बंद हो गए। इसी दौरान विमान को हवा में तेज झटके लगे और वह अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया।
एक मिनट में मिले 9 अलर्ट
सुबह 9:32 बजे महज एक मिनट के भीतर विमान में 9 वॉर्निंग मैसेज रिकॉर्ड हुए। इनमें ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम में कम प्रेशर के संकेत मिले। इसके अलावा येलो और ब्लू सिस्टम के रिजर्वॉयर लेवल कम होने, ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट और एलिवेटर फ्लाइट-कंट्रोल फॉल्ट की चेतावनी भी मिली।
इमरजेंसी एग्जिट डोर से जुड़े अलर्ट
सुबह 9:33 से 9:35 बजे के बीच इमरजेंसी एग्जिट डोर सेंसर से जुड़ी दो और वॉर्निंग रिकॉर्ड हुईं। विमान में तकनीकी खराबियों और टर्बुलेंस के दौरान यात्रियों को झटके लगे।
17 यात्री हुए घायल
फ्लाइट में 137 यात्री और 8 क्रू मेंबर सवार थे। घटना में 17 लोग घायल हुए। मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।
फ्रांस की एजेंसी और एयरबस भी जांच में शामिल
फ्रांस की जांच एजेंसी BEA और एयरबस की टीमें भी जांच में शामिल होने के लिए भारत पहुंच सकती हैं। जिस A320 विमान में तकनीकी खराबी आई थी, उसका निर्माण फ्रांस में होता है।
हाइड्रोलिक खराबी से विमान नीचे झुका
एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ALPAI) के अध्यक्ष कैप्टन सैम थॉमस के मुताबिक, हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के बाद पायलट ने विमान की नोज को नीचे किया, जिसके चलते विमान करीब 300 फीट नीचे आया।









