अंबेडकरनगर। जिला पंचायत प्रशासक श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधू वर्मा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर राजनीति को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज बाबा साहब का नाम लेने वाले नेताओं को पहले अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए। जनता उनसे पूछे कि दलितों और महापुरुषों के लिए उन्होंने क्या किया।
श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि जिन लोगों ने सत्ता में रहते हुए प्रमोशन में आरक्षण का विरोध किया, वे आज डॉ. आंबेडकर की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार, इसी दौरान महापुरुषों के नाम पर बनाए गए कई जिलों के नाम बदले गए। उन्होंने कहा कि अंबेडकरनगर के अस्तित्व को लेकर भी उस समय सवाल खड़े हुए थे।
‘जिलों के नाम बदलने पर भी दें जवाब’
उन्होंने कहा कि संत रविदास नगर, महात्मा ज्योतिबा फुले नगर, कांशीराम नगर, महामाया नगर और पंचशील नगर जैसे नामों से जुड़े जिलों के नाम बदले गए। 2012 में उत्तर प्रदेश में कई जिलों के नाम बदले जाने की घटनाएं दर्ज हैं।
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श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि उस समय महापुरुषों के सम्मान को लेकर सवाल उठाने वाले लोग कहां थे। उन्होंने महामाया महिला पेंशन योजना, सावित्री बाई फुले बालिका मदद योजना और डॉ. आंबेडकर ग्राम विकास योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को लेकर भी जनता को नेताओं से सवाल करना चाहिए।
‘दलित हित की बात करने वाले अपना रिकॉर्ड बताएं’
जिला पंचायत प्रशासक ने कहा कि राजनीतिक दल जब जनता के बीच जाएं तो उनसे उनके कार्यकाल में दलितों के लिए किए गए कामों का हिसाब पूछा जाना चाहिए। उन्होंने अंबेडकरनगर के मेडिकल कॉलेज से जीवन रक्षक उपकरण आजमगढ़ भेजे जाने का भी मुद्दा उठाया और कहा कि उस समय जिले के नेताओं को इसका जवाब देना चाहिए।









