लखनऊ/अम्बेडकरनगर। लखनऊ में शनिवार को यूपी एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव के मारे जाने के बाद पूर्वांचल के आपराधिक नेटवर्क को लेकर जांच और चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार संजय का संबंध कथित रूप से दिलीप वर्मा गैंग से बताया जा रहा है।
अहिरौली थाना क्षेत्र के चककोडार गांव निवासी संजय लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल ही में एक चर्चित मामले में भी उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद वह वांछित चल रहा था।
दिलीप वर्मा पर 32 से अधिक मुकदमे, संगठित अपराध का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अयोध्या के गोसाईंगंज क्षेत्र के सरैया गांव निवासी दिलीप वर्मा के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और आपराधिक साजिश सहित 32 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। माफिया विरोधी अभियान के दौरान उसने आत्मसमर्पण किया था और उसे आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई थी। फिलहाल उसके जमानत पर बाहर होने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि न्यायिक रिकॉर्ड पर निर्भर है।
जेल से नेटवर्क संचालन के आरोप
पुलिस रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख मिलता है कि दिलीप वर्मा पर जेल में रहते हुए भी गैंग संचालन का आरोप रहा है। दावा किया जाता है कि उसके गिरोह के सदस्य बाहर सक्रिय रहकर रंगदारी वसूली और धमकी जैसी घटनाओं में शामिल रहे।
वर्ष 2018 में अकबरपुर क्षेत्र में व्यापारी से रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में भी इसी नेटवर्क का नाम सामने आया था, जिसके बाद कई गिरफ्तारियां हुई थीं।









