अंबेडकरनगर। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के लोरपुर ताजन में पत्रकार मोहम्मद इसराइल के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इसराइल ने पुलिस पर प्रारंभिक जांच के बिना मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर समाप्त करने की मांग की है। प्रेस क्लब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेंद्र वीर सिंह ने प्रकरण में न्याय की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है।
मोहम्मद इसराइल के मुताबिक, 23 और 24 तारीख की रात उनके पिता, पत्नी और छोटे बच्चों के साथ घर में घुसकर मारपीट की गई थी। इस मामले में उन्होंने मोहम्मद शफीक, मोहम्मद मकसूद, मोहम्मद कुद्दूस और मोहम्मद सिद्दीक के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसराइल का आरोप है कि घटना के तीन दिन बाद दूसरे पक्ष के मोहम्मद तौफीक ने ब्लेड से काटने की शिकायत करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। उनका कहना है कि सूचना मिलने पर वह अपने पिता के साथ कोतवाली पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।
आमने-सामने बैठाकर बयान लेने के बाद भी दर्ज हुआ मुकदमा
इसराइल के अनुसार, मामले की जांच उपनिरीक्षक इशहाक खान को सौंपी गई थी। उन्होंने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बयान लिए और वीडियो भी बनाया। इसराइल का दावा है कि कथित घटना के संबंध में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। उस समय पुलिस ने पहले जांच करने के बाद कार्रवाई की बात कही थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद अगली सुबह उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसराइल ने शिकायत में दूसरे पक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।









