अंबेडकरनगर। जिले में रसोई गैस के करीब 38 हजार उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी नहीं कराना महंगा पड़ सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के आदेश के बाद ई-केवाईसी से वंचित उपभोक्ताओं को एक अक्तूबर से सिलिंडर की पूरी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इससे प्रति रिफिल करीब 1235 रुपये तक अतिरिक्त भार पड़ने की बात सामने आई है।
जिले में चार लाख से अधिक घरेलू रसोई गैस कनेक्शन हैं। इनमें 38 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत भी बड़ी संख्या में परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन दिए गए हैं। ई-केवाईसी पूरी नहीं होने की स्थिति में संबंधित उपभोक्ताओं को सिलिंडर की रिफिल पर सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सकेगा और पूरी कीमत का भुगतान करना होगा।
ई-केवाईसी के लिए लगातार किया जा रहा जागरूक
पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से ई-केवाईसी कराने को लेकर उपभोक्ताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, ई-केवाईसी का नियम नया नहीं है। इसके लिए पहले से ही उपभोक्ताओं को जानकारी दी जाती रही है।
गैस सिलिंडर की कीमतों में पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से समय-समय पर बदलाव किया जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को मौजूदा नियमों के अनुसार अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी गई है।
38 हजार उपभोक्ताओं के सामने बढ़े खर्च का संकट
ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं की संख्या जिले में 38 हजार से अधिक है। यदि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार इन्हें सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता है तो प्रत्येक रिफिल पर उन्हें पूरी कीमत चुकानी होगी। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय ने बताया कि ई-केवाईसी को लेकर उपभोक्ताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है। पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों समेत सामान्य उपभोक्ताओं को भी समय रहते ई-केवाईसी कराने के लिए कहा गया है।
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