ग्रामीण विकास की नई रूपरेखा पर मंथन

'विकसित भारत–जी-राम-जी अधिनियम, 2025' को लेकर पंच सम्मेलन

  • 125 दिन रोजगार, ₹300 प्रतिदिन मजदूरी और 318 प्रकार के कार्यों की जानकारी
  • जिलाधिकारी ने ब्लॉक स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश
अंबेडकरनगर। ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में “पंच सम्मेलन” आयोजित किया गया। सम्मेलन में “विकसित भारत–जी-राम-जी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025” के प्रमुख प्रावधानों, नई व्यवस्थाओं और क्रियान्वयन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने की। इस दौरान विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
‘ग्राम प्रशासकों की भूमिका अब और महत्वपूर्ण’
जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि नए अधिनियम के तहत ग्राम प्रशासकों की जिम्मेदारियां पहले से अधिक बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब प्रत्येक पात्र परिवार तक इसकी जानकारी पहुंचे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से गांव-गांव जाकर लोगों को योजना के प्रावधानों से अवगत कराने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों के दौरान 60 दिनों के कृषि अवकाश का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती और रोजगार दोनों प्रभावित न हों।
ब्लॉक स्तर पर भी होंगे प्रशिक्षण और कार्यशालाएं
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम की जानकारी केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक विकास खंड स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित कर ग्राम प्रतिनिधियों और आम लोगों को इसके बारे में विस्तार से बताया जाए। उन्होंने कहा कि योजना से जुड़ी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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