अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग को लेकर एक गरीब महिला ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी आवास पात्रता की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। महिला का आरोप है कि विकासखंड कटेहरी की ओर से तैयार की गई जांच रिपोर्ट अधूरी और भ्रामक है, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति सामने नहीं आ सकी।
भाई के मकान में रहने की मजबूरी
ग्राम बंदंडीह (भवानीपुर), तहसील अकबरपुर की अस्थायी निवासी गायत्री देवी पत्नी सूर्य नारायण तिवारी ने बताया कि उनके पास अपना कोई मकान नहीं है। वह अपने पति और पांच छोटे बच्चों के साथ पति के भाई के घर में रहने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वे स्वयं का आवास नहीं बना पा रही हैं।
पहले भी की थी शिकायत
महिला ने बताया कि 24 जून 2026 को उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को भी आवेदन दिया था। इसके बाद बीडीओ कटेहरी द्वारा जांच कराई गई। हालांकि, उनका आरोप है कि जांच रिपोर्ट में केवल यह उल्लेख किया गया कि वह अपने पति के भाई के मकान में रह रही हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि उनके पास स्वयं का कोई आवास नहीं है।
रिपोर्ट पर उठाए सवाल
गायत्री देवी का कहना है कि जांच रिपोर्ट में उनकी वास्तविक स्थिति का पूरा उल्लेख नहीं किया गया, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए उनकी पात्रता प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे अधूरी और भ्रामक रिपोर्ट बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।









