अंबेडकरनगर। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के सभागार में सोमवार को जिला सैनिक बंधु बैठक आयोजित हुई। बैठक में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
छह प्रार्थना पत्रों की हुई समीक्षा
बैठक में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर एक-एक कर चर्चा की गई। पिछली सैनिक बंधु बैठक में उठाए गए मामलों की प्रगति की भी समीक्षा हुई। इस दौरान कुल छह प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
बैठक में शस्त्र लाइसेंस को जिले में दर्ज कराने और उनके नवीनीकरण से जुड़े मामलों पर भी विचार किया गया। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने संबंधित मामलों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की जानकारी दी।
एनओसी वाले मामलों की अलग सूची बनाने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने बताया कि जिन पूर्व सैनिकों को शस्त्र लाइसेंस के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिल पा रहा है, वे लाइसेंस सरेंडर कर नया लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया अपना सकते हैं।
जिन पूर्व सैनिकों को एनओसी प्राप्त हो चुका है, उन्हें प्रार्थना पत्र के साथ उपस्थित होने को कहा गया। इसके बाद जिलाधिकारी को अवगत कराकर लाइसेंस दर्ज कराने या नवीनीकरण की कार्रवाई कराने की बात कही गई।
उन्होंने असलाह क्लर्क को एनओसी प्राप्त और लंबित मामलों की अलग-अलग सूची तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
तारा देवी के भूमि अभिलेख का मामला मौके पर निस्तारित
बैठक में स्वर्गीय सैनिक काशी राम वर्मा की पत्नी तारा देवी से जुड़ा भूमि अभिलेख का मामला भी सामने आया। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में सेवा एवं योगदान के आधार पर उन्हें प्रदान की गई भूमि के अभिलेख से संबंधित समस्या रखी गई।









