- खाद्य सुरक्षा समीक्षा बैठक में डीएम का सख्त रुख, बोलीं- निरीक्षण के साथ बढ़े सैंपल, मिलावट पर हो प्रभावी कार्रवाई
अम्बेडकरनगर। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति की त्रैमासिक बैठक में जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने विभागीय कार्रवाई की समीक्षा करते हुए साफ निर्देश दिए कि खाद्य प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण के साथ-साथ सैंपलिंग भी बढ़ाई जाए। खास तौर पर दूध, दुग्ध उत्पाद, मिठाई, मछली और मीट की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अप्रैल से जून 2026 तक विभाग की कार्रवाई का ब्यौरा रखा गया। समीक्षा के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, मिलावट की रोकथाम और लंबित मामलों के निस्तारण पर विस्तार से चर्चा हुई।
तीन महीने में 608 प्रतिष्ठानों की जांच, 152 नमूने भेजे गए प्रयोगशाला
सहायक आयुक्त (खाद्य) ग्रेड-2 ने बताया कि अप्रैल से जून 2026 के बीच जिले में 608 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संदेह के आधार पर 152 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में 89 नमूने खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
डीएम ने कहा- केवल निरीक्षण नहीं, सैंपलिंग भी बढ़े
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण की संख्या के अनुरूप खाद्य पदार्थों के नमूने भी अधिक लिए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से दूध और दुग्ध उत्पादों की सघन सैंपलिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि जांच और सैंपलिंग दोनों में गंभीरता दिखाई जाए।









