अंबेडकरनगर। जिले में मानसून के साथ सर्पदंश की घटनाओं में तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से 25 जुलाई तक 380 लोगों को सांप ने काटा, जबकि 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों के परिजनों को शासन की ओर से पिछले वित्तीय वर्ष से अब तक चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
जून-जुलाई में सबसे अधिक सामने आए मामले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सर्पदंश की घटनाओं में सबसे अधिक वृद्धि जून और जुलाई माह में दर्ज की गई। अधिकांश मामले ग्रामीण क्षेत्रों से सामने आए हैं, जहां खेतों, जलभराव वाले स्थानों और झाड़ियों के आसपास काम करने के दौरान लोगों को सांपों ने काटा।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकल आते हैं। ऐसे में खेतों, मेड़, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए सर्पदंश का खतरा बढ़ जाता है।
पोस्टमार्टम कराने की दी सलाह
महामारी विशेषज्ञ डॉ. सुल्तान ने कहा कि किसी भी संदिग्ध अथवा असामान्य मृत्यु की स्थिति में पोस्टमार्टम अवश्य कराया जाना चाहिए। इससे मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि होती है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सरकारी सहायता मिलने की प्रक्रिया भी आसान हो जाती है।
खेतों और जलभराव वाले क्षेत्रों में बरतें सतर्कता
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले स्थानों पर काम करते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी व्यक्ति को सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराएं।









