अम्बेडकरनगर। महमाया राजकीय मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में गुरुवार को नि:शुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य मरीजों में हड्डियों की कमजोरी की समय रहते पहचान कर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम करना रहा।
शिविर का आयोजन विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जावेद अहमद की ओपीडी में किया गया। इसमें लगभग 230 मरीजों की बीएमडी जांच की गई। जांच के माध्यम से हड्डियों की घनत्व स्थिति का आकलन किया गया और जरूरतमंद मरीजों को आगे उपचार के लिए परामर्श दिया गया।
समय रहते जांच से गंभीर बीमारी की रोकथाम संभव
विशेषज्ञों ने बताया कि बीएमडी जांच से शरीर में हड्डियों की कमजोरी का शुरुआती चरण में ही पता लगाया जा सकता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टरों ने मरीजों को नियमित जांच और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी।
मरीज हित को प्राथमिकता पर जोर
प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव की मंशा के अनुरूप मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया। विभाग की ओर से कहा गया कि ऐसे शिविरों से लोगों को विशेषज्ञ जांच का लाभ बिना किसी शुल्क के मिल रहा है।
डॉक्टरों और स्टाफ की रही सक्रिय भूमिका
शिविर में डॉ. विवेक श्रीवास्तव, डॉ. दीपक मौर्य, डॉ. शुभम गुप्ता और डॉ. राकेश सहित अन्य चिकित्सक एवं कर्मचारियों ने सहयोग किया। पूरी टीम ने जांच प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिला।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि आम लोगों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिल सके।









