बरियावन की काली रात ने हिला दीं पुलिस की कुर्सियां, पहले पांच नपे अब सीओ भी हटे

बुधवार को सीओ सिटी नीतीश कुमार तिवारी हटे, मंगलवार को इंस्पेक्टर समेत पांच पर गिरी थी गाज

अंबेडकरनगर।अकबरपुर के बरियावन की उस रात की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है, लेकिन कार्रवाई की परतें लगातार खुल रही हैं।तीन जेसीबी की कहानी अब पुलिस के बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है। बुधवार को सीओ सिटी नीतीश कुमार तिवारी को पुलिस कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया। उनकी जगह आलापुर के सीओ अरुण कुमार नौहवार को सिटी सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है। यातायात की जिम्मेदारी संभाल रहे जितेंद्र कुमार सिंह को सीओ आलापुर बनाया गया है।

मंगलवार तक कहानी कुछ और थी। उस दिन कार्रवाई की सूची में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही और लेखपाल तक थे, लेकिन सीओ सिटी का नाम नहीं था। इसी ने बरियावन से लेकर अकबरपुर तक कई सवालों को जन्म दे दिया था।

20 सितंबर की रात बरियावन में 11 मकान-दुकानें गिराए जाने के मामले में मंगलवार को अकबरपुर के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, हल्का प्रभारी अजय कुमार, हेड कांस्टेबल संतोष कुमार पांडेय, कांस्टेबल उपेंद्र यादव और लेखपाल रोहित लाल पर निलंबन की कार्रवाई हुई थी। पुलिस के मुताबिक संबंधित पुलिसकर्मियों ने घटना की जानकारी होने से इन्कार किया था। इसे कर्तव्य में लापरवाही और प्रभावी पर्यवेक्षण की कमी से जोड़ा गया।

यहीं से चर्चा ने नया मोड़ लिया। लोगों के बीच सवाल उठने लगा कि जब थाना और हल्का स्तर के जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो गई तो सिटी सर्किल की निगरानी करने वाले अधिकारी पर फैसला क्यों नहीं हुआ। कुछ लोग सीओ सिटी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाने लगे थे। हालांकि मंगलवार तक उनकी किसी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

रात में जेसीबी चलीं, सुबह पुलिस को पता चला

बरियावन-किछौछा मार्ग पर 20 सितंबर की रात तीन जेसीबी पहुंचीं। करीब एक घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चलने की बात सामने आई। 11 मकान और दुकानें गिरा दी गईं।

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