अंबेडकरनगर। बरियावन-किछौछा मार्ग पर ग्रामीणों के आवास गिराए जाने के मामले में बुधवार को प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश राजभर मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने घटना के बाद पैदा हुई परेशानियों की जानकारी दी। प्रभारी मंत्री ने शासन और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
प्रभावित परिवारों से मौके पर ही सुनी पूरी बात
प्रभारी मंत्री ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों से प्रकरण की स्थिति जानी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में मामले में कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे प्रकरण में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई का दावा
प्रभारी मंत्री ने कहा कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की ओर से संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रभावित परिवारों की शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण में किसी तरह की लापरवाही न हो।
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टूटे रोजगार को फिर खड़ा करने की तैयारी
मकान-दुकान प्रभावित होने से रोजी-रोजगार पर पड़े असर को देखते हुए प्रभारी मंत्री ने स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि पात्र प्रभावित लोगों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत ब्याजमुक्त ऋण और 10 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे।
सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रभावित परिवारों को उपलब्ध सहायता दिलाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।









