
Lucknow। लखनऊ जिला कोर्ट परिसर के आसपास बने अवैध वकीलों के चैंबरों पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम ने ऐसे 72 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिन्हें हटाने के लिए 12 मई को विशेष अभियान चलाया जाएगा।
यह कार्रवाई Allahabad High Court की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद की जा रही है। अदालत ने साफ निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक मार्गों पर बने अवैध कब्जों को हटाया जाए, ताकि आम जनता को हो रही परेशानी को दूर किया जा सके।
हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने की। अदालत ने अनुराधा सिंह सहित अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले भी नगर निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल न मिलने के कारण अभियान पूरा नहीं हो सका था।
72 अतिक्रमणों की पहचान, अधिकतर वकीलों के चैंबर
नगर निगम की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट परिसर क्षेत्र में कुल 72 अवैध अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। इनमें अधिकांश वकीलों के चैंबर शामिल हैं, जबकि कुछ दुकानें भी अवैध रूप से संचालित पाई गई हैं।
12 मई को चलेगा विशेष हटाओ अभियान
नगर निगम ने अदालत को बताया कि अब 12 मई की नई तारीख तय कर दी गई है, जब पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने भी इस कार्रवाई के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की बात कही है।









