नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 9 की नई सोशल साइंस पुस्तक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। गुरुवार को जारी पुस्तक ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ में भारतीय संविधान की प्रस्तावना को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, संविधान के निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मौलिक अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गई है।
नई पुस्तक में संविधान की प्रस्तावना में प्रयुक्त ‘सॉवरेन’, ‘सोशलिस्ट’, ‘सेक्युलर’, ‘डेमोक्रेटिक’ और ‘रिपब्लिक’ जैसे शब्दों की अलग से व्याख्या नहीं की गई है। वहीं, आपातकाल (इमरजेंसी) को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बताया गया है।
पुस्तक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि उन्होंने छात्रों और आम लोगों को संगठित किया, जिसके परिणामस्वरूप बिहार और गुजरात में बड़े जन आंदोलन खड़े हुए।
किताब के अनुसार, वर्ष 1977 में इमरजेंसी समाप्त होने के बाद हुए आम चुनाव में जनता ने मतदान के माध्यम से अपना फैसला सुनाया और तत्कालीन सत्तारूढ़ सरकार चुनाव हार गई। इसे भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया है।
पुस्तक में यह भी उल्लेख है कि वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन के जरिए संविधान की प्रस्तावना में ‘सेक्युलर’, ‘सोशलिस्ट’ और ‘इंटीग्रिटी’ शब्द जोड़े गए थे। यह संशोधन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल के दौरान किया गया था।









