इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कैसरबाग स्थित सिविल कोर्ट परिसर के आसपास बने 72 अवैध चैंबरों और नाश्ते-पानी के स्टॉलों को हटाने के लिए अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने कहा कि 10 दिन के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो बिना किसी और अवसर के ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
एक सप्ताह में दोबारा नोटिस
खंडपीठ ने नगर निगम को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी 72 कब्जेदारों को दोबारा नोटिस जारी किया जाए। यदि कोई नोटिस लेने से इनकार करता है तो उसे संबंधित स्थल पर चस्पा किया जाए और इसकी सूचना एक हिंदी व एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित कराई जाए।
रविवार को होगी कार्रवाई
अदालत ने कहा कि तय समय सीमा पूरी होने के बाद भी यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया और वैध अधिकार का प्रमाण नहीं दिया गया तो रविवार के दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए, ताकि न्यायालय के नियमित कार्य में कोई बाधा न आए।
बाधा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि ध्वस्तीकरण के दौरान यदि कोई सरकारी कार्य में बाधा डालता है या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस, जिला प्रशासन और नगर निगम को समन्वय बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
100 अवैध निर्माण पहले ही हटाए
सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि अभियान के तहत अब तक करीब 100 अवैध चैंबर और दुकानें हटाई जा चुकी हैं।









