अंबेडकरनगर। काजीपुरा टांडा में शबाबुद्दयार के तत्वावधान में नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। हाजी मासूम रजा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का संचालन कुमैल सिद्दीकी ने किया। मुशायरे में विभिन्न शायरों और नातख्वानों ने नातिया कलाम पेश किए। श्रोताओं ने देर तक कलाम सुने और सराहना की।
नात पढ़ना और सुनना भी इबादत : असलम खान
सितारे उर्दू अवार्ड से सम्मानित मोहम्मद शफी नेशनल इंटर कॉलेज हंसवर के शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि नात पढ़ना और सुनना भी इबादत है। उन्होंने कहा कि नात कहना सिर्फ शायरी नहीं, बल्कि अकीदत और जज़्बात को अदब व एहतराम के साथ पेश करने का माध्यम है।
उन्होंने नातिया शायरी को उर्दू अदब की महत्वपूर्ण विधाओं में से एक बताया।
मुशायरे से भाईचारे का संदेश : कुमैल सिद्दीकी
कार्यक्रम के संचालक कुमैल सिद्दीकी ने कहा कि नातिया मुशायरे समाज में आपसी भाईचारे, प्रेम और सद्भाव का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजनों में साहित्य और धार्मिक भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ लोगों के बीच संवाद का अवसर भी मिलता है।
मजाहिर अंसारी ने कहा कि नातिया मुशायरों से लोगों के दिलों में हुजूर-ए-अकरम मोहम्मद साहब के प्रति मोहब्बत और अकीदत का भाव मजबूत होता है।
एक के बाद एक पेश हुए नातिया कलाम
मुशायरे में तालिब रहमानी, इंसाफ टांड़वी, मोहम्मद ताहिर टांड़वी, अहमद सईद टांड़वी, मोहम्मद आलम टांड़वी, रिजवान टांड़वी, सिराज अनवर टांड़वी, तव्वाब हुसैन, जफर शब्बू, मतलूब टांड़वी, कुमैल डोंडवी और अर्शी टांड़वी समेत अन्य शायरों और नातख्वानों ने कलाम पेश किए।
श्रोताओं में ताहिर अजहरी, बदरुल हसन, नदीम, मोहम्मद कलाम, महबूब आलम, हाजी अजहर और अनवार आलम समेत अन्य लोग मौजूद रहे। श्रोताओं ने नातिया कलाम की सराहना की।









