
- प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मेला आयोजन से इनकार किया
- दरगाह प्रबंध समिति ने हाईकोर्ट में चुनौती दी
- लखनऊ हाईकोर्ट आज अंतिम फैसला सुनाएगा
लखनऊ। सैय्यद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर हर साल लगने वाले वार्षिक जेठ मेले को लेकर जारी असमंजस की स्थिति जल्द समाप्त होने की उम्मीद है। लखनऊ हाईकोर्ट की खंडपीठ आज, 15 मई को दरगाह प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करेगी और इस साल मेला लगेगा या नहीं, इसका फैसला सुनाएगी।
परंपरागत रूप से 15 मई से 15 जून तक चलने वाला यह मेला इस बार प्रशासन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अनुमति न देने के फैसले के कारण विवादों में है। प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में होने वाले आयोजन में सुरक्षा का जोखिम अधिक है।
दरगाह प्रबंध समिति ने इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए मेला लगाने की अनुमति की मांग की है। समिति का तर्क है कि चाहे मेला लगे या न लगे, बड़ी संख्या में श्रद्धालु दरगाह पहुंचेंगे, इसलिए पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने जरूरी हैं।
पुलिस और प्रशासन ने भी किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरी सतर्कता बरती है। दरगाह परिसर में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात किया गया है, साथ ही प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और इंटेलिजेंस टीम की तैनाती कर दी गई है।
प्रदेश के कई जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जेठ मेला महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। इस कारण पूरे प्रदेश की निगाहें आज की हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि इस बार जेठ मेला आयोजित होगा या नहीं।









