नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI एक सप्ताह के भीतर दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल कर सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंसी की जांच अब अंतिम चरण में है। पहली चार्जशीट में 13 आरोपियों को नामजद किया गया था, जिनमें NTA के तीन विषय विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटर संचालक और कथित बिचौलिए शामिल हैं।
पहली चार्जशीट में 13 आरोपी
CBI ने 28 जुलाई को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की थी। करीब 20 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में 13 आरोपियों के नाम शामिल थे। एजेंसी ने 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का भी उल्लेख किया था।
पहली चार्जशीट में NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों—मनीषा मांधरे, प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार—को आरोपी बनाया गया था। इनके अलावा कोचिंग संस्थान से जुड़े लोगों और कथित बिचौलियों को भी आरोपी बनाया गया।
अब अंतिम चार्जशीट पर नजर
रिपोर्टों के मुताबिक, CBI अब मामले में दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। एजेंसी ने जांच के दौरान सामने आई बाकी कड़ियों और साक्ष्यों को भी इसमें शामिल करने की तैयारी की है।
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अंतिम चार्जशीट में केंद्र सरकार या NTA के वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाए जाने की संभावना नहीं है। हालांकि, अंतिम चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एजेंसी ने किन लोगों को आरोपी बनाया है और किसकी भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष निकाला गया है।
NTA के तीन विशेषज्ञ पहले ही आरोपी
मामले में यह स्पष्ट है कि NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञ पहली चार्जशीट में आरोपी बनाए जा चुके हैं। CBI की जांच में पेपर तैयार करने की प्रक्रिया और प्रश्नपत्र तक पहुंच रखने वाले लोगों की भूमिका अहम रही है।
CBI के अनुसार, आरोपी प्रह्लाद कुलकर्णी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े थे और उनके पास प्रश्नपत्र तक पहुंच थी। जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर परीक्षा से पहले छात्रों को प्रश्न और उत्तर बताए गए थे। गृह मंत्रालय ने मई में कुलकर्णी को मामले का एक प्रमुख आरोपी बताते हुए उनकी गिरफ्तारी की जानकारी दी थी।
111 सवाल मास्टर सेट से मैच होने का दावा
CBI ने जांच के दौरान एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक के फोन से बरामद हस्तलिखित प्रश्नों की भी जांच की। एजेंसी ने अदालत को बताया था कि बरामद 136 सवालों में से 111 सवाल NTA के मास्टर प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि लीक हुए सवालों को अलग-अलग लोगों और छात्रों तक पहुंचाने के लिए नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। CBI ने मामले को व्यापक साजिश के रूप में जांचने की बात कही थी।
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