नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल किया सस्ता, कीमतों में बड़ी कटौती

पेट्रोल पर 5 रुपये और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर की राहत, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मिला फायदा

नई दिल्ली। देश की प्रमुख निजी ईंधन रिटेलर कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। कंपनी के इस फैसले से उसके पेट्रोल पंपों से ईंधन भराने वाले ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा।

नई कीमतों के अनुसार, भोपाल में नायरा एनर्जी के पेट्रोल की कीमत घटकर 119.79 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 102.57 रुपये प्रति लीटर हो गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में लागू वैट (VAT) और स्थानीय करों के कारण शहरों के हिसाब से कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।

देशभर में 7 हजार से अधिक पेट्रोल पंप

नायरा एनर्जी का देशभर में 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का नेटवर्क है। भारत के ईंधन खुदरा बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 7 प्रतिशत बताई जाती है। जबकि सरकारी और अन्य निजी कंपनियों के मिलाकर देश में एक लाख से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। कंपनी का कहना है कि संशोधित दरें उसके सभी आउटलेट्स पर लागू कर दी गई हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई नरमी का सीधा असर ईंधन की लागत पर पड़ा है। हाल के दिनों में वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर करीब 73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। अब तनाव कम होने और आपूर्ति संबंधी चिंताओं में कमी आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता हुआ है, जिसका लाभ नायरा एनर्जी ने अपने ग्राहकों तक पहुंचाया है।

सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बदले दाम

फिलहाल देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। ऐसे में फिलहाल कीमतों में कटौती का लाभ केवल नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं, तो आने वाले समय में अन्य तेल कंपनियां भी ईंधन की कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं।

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