नई दिल्ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने गुरुवार को कहा कि कोई भी अदालत को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता। ऐसी कोशिशें बेकार हैं और इन पर कोई ध्यान नहीं देता। उन्होंने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में हुए प्रदर्शन और मार्च से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की।
राहुल गांधी समेत 14 लोगों की याचिका पर नोटिस
सुनवाई के दौरान राहुल गांधी और 13 अन्य लोगों की याचिका का मामला भी उठा। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।
CJI से मिलने का समय नहीं मिलने के बाद दाखिल हुई याचिका
जानकारी के मुताबिक, विपक्षी सांसदों ने 11 अक्टूबर को CJI सूर्यकांत को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। हालांकि, CJI ने मिलने के लिए समय देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद विपक्ष की ओर से अदालत में याचिका दाखिल की गई।
राहुल, प्रियंका और खड़गे ने निकाला था मार्च
12 अक्टूबर की शाम राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्ष के अन्य सांसदों ने दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला था। इसके बाद सांसद सुप्रीम कोर्ट परिसर के अंदर पहुंच गए थे। यह घटनाक्रम एसआईआर के विरोध और मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने के प्रयास से जुड़ा था।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। अब संबंधित पक्षों के जवाब और याचिका में उठाए गए मुद्दों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।









