नई दिल्ली। इलॉन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने भारत में हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी होने की बात कही है। कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से भारत के नियामकों, उद्योग जगत और ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम कर रही है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत में लाइसेंस मिलने में देरी को लेकर मस्क और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के बीच सार्वजनिक बयानबाजी हुई है।
स्टारलिंक ने क्या कहा?
स्टारलिंक के मुताबिक, कंपनी भारत में अपनी हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए तैयार है। कंपनी ने कहा कि वह पिछले पांच साल से भारतीय नियामकों, इंडस्ट्री और ऑपरेटरों के साथ संपर्क में है। हालांकि, कंपनी के इस बयान से सेवा शुरू होने की निश्चित तारीख स्पष्ट नहीं हुई है।
सैटेलाइट इंटरनेट के जरिए उन क्षेत्रों में भी इंटरनेट पहुंचाने की संभावना है, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड या मोबाइल नेटवर्क की पहुंच सीमित है। भारत में सेवा शुरू करने के लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियां और निर्धारित प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।
मस्क ने अंबानी पर लगाए थे आरोप
स्टारलिंक के बयान से पहले इलॉन मस्क ने X पर रिलायंस इंडस्ट्रीज और मुकेश अंबानी को लेकर कई पोस्ट किए थे। 7 अक्टूबर को मस्क ने बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया था कि कुछ भारतीय कारोबारी स्टारलिंक की मंजूरी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय जनता के हितों के खिलाफ बताया था।
इसके अगले दिन मस्क ने मुकेश अंबानी का नाम लेते हुए सवाल किया कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी पांच वर्षों से भारत सरकार के नियमों का पालन कर रही है, फिर भी उसे भारत में मंजूरी क्यों नहीं मिली है।
मस्क ने एक अन्य पोस्ट में अंबानी को ‘प्राइम मिनिस्टर अंबानी’ कहकर भी तंज कसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि रिलायंस अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहता है। ये मस्क के आरोप हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।









