
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यटन सीजन के बीच सोमवार को भीषण ट्रैफिक जाम देखने को मिला। संजौली से छराबड़ा के बीच सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशभर से घूमने आए पर्यटक भी परेशान नजर आए।
हालात ऐसे रहे कि सामान्य तौर पर 10 मिनट में पूरा होने वाला सफर तय करने में डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों में सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी बढ़ती दिखी। वहीं, पर्यटन सीजन में ट्रैफिक प्रबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, ढली सब्जी मंडी के पास सुबह करीब 5:30 बजे से ट्रैफिक जाम लगना शुरू हो गया था। दोपहर 12 बजे तक यह जाम 8 से 10 किलोमीटर तक फैल गया। वाहनों की लंबी लाइनें छराबड़ा से होते हुए संजौली के नवबहार और भट्टाकुफर तक पहुंच गईं।
चियोग निवासी सुरेश ने बताया कि वह सुबह 9 बजे फागू से निकले थे, लेकिन 11 बजे ढली मंडी पहुंच सके। उन्होंने कहा कि छराबड़ा से ढली तक पहुंचने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लगा। वहीं, संजौली-ढली और कुफरी के बीच कई एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं।
भेखलटी निवासी साहिल वर्मा ने बताया कि छराबड़ा से ढली पहुंचने में उन्हें एक घंटे से ज्यादा का समय लगा। उन्होंने कहा कि ढली-संजौली सड़क के साथ-साथ बाइपास भी पूरी तरह जाम था। साहिल ने एसपी शिमला से ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला, कुफरी, फागू और नारकंडा पहुंच रहे हैं। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह के कारण भी वाहनों की संख्या बढ़ी है। ढली सब्जी मंडी के आसपास सड़क किनारे अवैध और बेतरतीब पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह मानी जा रही है।









