- 70 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बुधवार को SCERT कार्यालय का घेराव किया
- अभ्यर्थियों ने 68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी गड़बड़ी का आरोप लगाया
- वर्ष 2018 में आवेदन करने के बाद भी आठ साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं अभ्यर्थी
लखनऊ। लखनऊ में 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) कार्यालय का अभ्यर्थियों ने घेराव किया। पिछले 70 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी जमीन पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए नियुक्ति की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर मंत्री, विधायक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आठ साल बीतने के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिली है।
मंत्रियों के सामने भी उठाया था भर्ती में गड़बड़ी का मुद्दा
प्रदर्शनकारी नवीन ने बताया कि 10 सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। इस बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
नवीन का दावा है कि बैठक के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी आरक्षण में गड़बड़ी की बात मान चुके हैं, तो अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति क्यों नहीं दी गई।
2018 में निकली थी भर्ती, अब तक इंतजार
प्रदर्शनकारी तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण संबंधी गड़बड़ी हुई है। उनके मुताबिक, राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी इस मामले में नियमों का पालन करने के आदेश दिए हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोगों के आदेशों का पालन करते हुए उन्हें नियुक्ति दी जाए। वर्ष 2018 में भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था और उसी दौरान अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। उनका कहना है कि आठ साल बीत जाने के बावजूद उन्हें नौकरी नहीं मिली।
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों और विधायकों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद नियुक्ति को लेकर कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से उनका आंदोलन जारी है।









