- सरकार के एडजस्टमेंट प्लान पर हुई सुनवाई
- सभी पक्षों को सहमति बनाने के लिए एक सप्ताह का समय
- 4 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
- सहमति बनने पर आर्टिकल-142 के तहत आ सकता है फैसला
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की डबल बेंच ने राज्य सरकार के एडजस्टमेंट प्लान और सभी पक्षों की दलीलों पर सुनवाई की।
आर्टिकल-142 के तहत फैसला संभव
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि सरकार के प्रस्ताव पर सभी संबंधित पक्ष आपसी सहमति बना लेते हैं, तो अदालत संविधान के अनुच्छेद-142 के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए अगले मंगलवार को फैसला सुना सकती है।
4 अगस्त को अगली सुनवाई
कोर्ट ने सभी पक्षों को आपसी सहमति बनाने और अदालत को उसकी जानकारी देने के लिए अगले मंगलवार तक का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। माना जा रहा है कि यदि सभी पक्ष सहमत हो जाते हैं तो लंबे समय से लंबित इस भर्ती विवाद का समाधान निकल सकता है।
पहले दाखिल हो चुके हैं शपथ पत्र
सुनवाई से पहले सोमवार को राज्य सरकार सहित सभी पक्षों ने अपने-अपने शपथ पत्र सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए थे। इन्हीं दस्तावेजों और सरकार के एडजस्टमेंट प्लान के आधार पर मंगलवार को विस्तृत सुनवाई हुई।









