- 26 दिन के अनशन के बाद अस्पताल से मिली छुट्टी
- राजघाट जाकर महात्मा गांधी को करेंगे नमन
- डॉक्टरों ने बताया पूरी तरह स्वस्थ
गुरुग्राम। सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए। दोपहर 1:45 बजे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट रवाना हुए। अस्पताल से निकलते समय उन्होंने कार से हाथ हिलाकर समर्थकों का अभिवादन किया।
राजघाट जाकर देंगे श्रद्धांजलि
अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले जारी वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा कि वह सबसे पहले राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद जरूरी कार्य पूरे कर अपने घर लद्दाख लौट जाएंगे। उन्होंने मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ का विशेष आभार भी जताया।
स्वास्थ्य में तेजी से हुआ सुधार
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों के अनुसार, वांगचुक की सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य हैं और उनकी सेहत में तेजी से सुधार हुआ है। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं, चलने-फिरने में सक्षम हैं और धीरे-धीरे सामान्य भोजन भी कर रहे हैं।
समर्थकों का जताया आभार
वांगचुक ने आंदोलन में सहयोग देने वाले देशभर के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े, दूर-दराज के सभी लोगों ने इस अभियान में साथ दिया, जिससे यह आंदोलन सफल हो सका। उन्होंने भविष्य में भी जनहित के मुद्दों पर एकजुट रहने की अपील की।
26 दिन तक किया था अनशन
सोनम वांगचुक ने NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों के विरोध में 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल और बाद में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद अब उन्हें छुट्टी दे दी गई।









