SIR पर राहुल गांधी का हमला, बोले- वोट चोरी अपराध और संविधान के खिलाफ

चुनाव आयुक्तों की लिखित आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने आयोग पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- गलत काम करने वालों को जवाब देना होगा

नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग के भीतर दर्ज आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि आयोग जो कर रहा है, वह गलत है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को लेकर ‘वोट चोरी’ को अपराध और संविधान के खिलाफ बताया।

राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश में चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जो कर रहे हैं, वह गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि समय आने पर इसके लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब लिया जाएगा।

दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार दर्ज की आपत्ति

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों और कुछ प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण तथा चुनावी प्रक्रिया में किए गए कुछ बदलावों पर सवाल उठाए गए थे।

रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों आयुक्तों ने कुछ फैसलों को अपनी जानकारी या सहमति के बिना लिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने मतदाता डेटाबेस तक पहुंच को केंद्रीकृत किए जाने और चुनावी सूची से जुड़े आईटी सिस्टम के संचालन को लेकर भी चिंता दर्ज की।

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फॉर्म-6 में बदलाव पर भी आपत्ति

रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में SIR से संबंधित सवाल जोड़े गए थे। दोनों चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। विवेक जोशी ने मई में इस बदलाव को लेकर आपत्ति दर्ज की थी, जबकि सुखबीर सिंह संधू ने अगस्त में इसे ‘अनधिकृत’ और ‘अवैध’ बताते हुए हटाने की बात कही थी।

मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण पर सवाल

दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता सूची के डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच को लेकर भी चिंता जताई। रिपोर्ट के मुताबिक, विवेक जोशी ने मतदाता डेटाबेस के धीरे-धीरे केंद्रीकरण का मुद्दा उठाया और यह सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट की बात कही कि कानूनी रूप से अधिकृत अधिकारियों के अलावा किसी अन्य को मतदाता डेटा में बदलाव की अनुमति न हो। संधू ने भी राज्य स्तर के अधिकारियों की पहुंच से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख किया।

SIR को लेकर पहले से विवाद

SIR को लेकर चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के बीच पहले से बहस चल रही है। पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं से जुड़े मामलों में बड़ी संख्या में अपीलें भी दायर हुई हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 27.16 लाख हटाए गए मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने नाम बहाल कराने के लिए अपील की है।

इसी बीच दिल्ली में SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। अदालत ने प्रथम दृष्टया कुछ नोटिसों को ‘मैकेनिकल’ तरीके से जारी किए जाने की बात कही और प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त फिल्टर पर विचार करने को कहा।

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