अंबेडकरनगर। जिले में अवैध अस्पतालों, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटरों के संचालन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रमोद कुमार के कार्यभार संभालने के बाद भी कई क्षेत्रों में बिना पंजीकरण और जरूरी मानकों के स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे केंद्रों पर कार्रवाई की गई है। मार्च 2026 में जिले में 13 अवैध पैथोलॉजी लैब चिह्नित की गई थीं। इनमें नौ को नोटिस जारी किया गया था। कुछ केंद्रों को सील भी किया गया था। बसखारी क्षेत्र में भी जांच के दौरान दो अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया था।
नोटिस और सीलिंग के बाद भी संचालन की शिकायत
विभागीय कार्रवाई के बावजूद कई जगहों पर अवैध स्वास्थ्य केंद्रों के दोबारा संचालित होने की शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस, बिना योग्य चिकित्सक और निर्धारित मानकों के कई केंद्रों के चलने की बात सामने आ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटरों के लिए पंजीकरण, प्रशिक्षित स्टाफ, अग्निशमन व्यवस्था और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं जरूरी हैं। इसके बावजूद कई केंद्रों पर इन मानकों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच के नाम पर कुछ केंद्रों पर मरीजों से अधिक शुल्क लेने, गलत जांच रिपोर्ट देने और उपचार में लापरवाही जैसी शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। हालांकि इन शिकायतों की पुष्टि के लिए विभागीय जांच जरूरी है।









