अंबेडकरनगर। वर्ष 2024 में अहिरौली थाना क्षेत्र में युवती से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट चिंताराम की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी संजय मिश्रा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 21,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। मामले के दूसरे आरोपी के किशोर होने के कारण उसका मुकदमा अलग से किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
22 मई 2024 की घटना, खेत में ले जाकर दुष्कर्म का आरोप
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने अहिरौली थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में बताया था कि 22 मई 2024 को वह शौच के लिए घर से बाहर गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के संजय मिश्रा और एक किशोर ने उसे रोक लिया, मुंह दबाकर बंधक बनाया और खेत में ले गए। वहां दोनों पर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बाद उसे धमकी दी गई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र विशेष न्यायालय में दाखिल किया गया।
नौ गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आया फैसला
मामले की सुनवाई विशेष एससी-एसटी कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित कुल नौ गवाह अदालत में पेश किए। न्यायालय ने गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद संजय मिश्रा को दोषी माना।









