- भूख हड़ताल के चौथे दिन आंदोलनकारी की तबीयत बिगड़ी, सरकार और छात्रों के बीच वार्ता फिर बेनतीजा
रांची। झारखंड में परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य सरकार का दावा है कि आंदोलन के पीछे भाजपा और कोचिंग माफिया का हाथ है। झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार ने छात्र प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता के शामिल होने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने छात्रों से अपने आंदोलन को राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रखने की अपील की।
इधर, परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारी राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं देवेंद्र नाथ समेत छह अन्य आंदोलनकारी अब भी अनशन पर बैठे हैं।
उधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात कर आंदोलन का समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है।
इस बीच आइसा समेत दो छात्र संगठनों ने विधानसभा मार्च निकालने का ऐलान किया है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने भी विधानसभा में छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाते हुए सरकार से वार्ता के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बातचीत के लिए एक समिति बनाई थी, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो सकी। देर रात एसडीओ और एसडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) छात्रों से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल छात्रों से बातचीत करेगी। छात्र अपने प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकार और एक पूर्व महाधिवक्ता को शामिल करने की मांग पर अड़े रहे। करीब 45 मिनट तक चली बैठक बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गई।









