अंबेडकरनगर। पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए मंगलवार का दिन अहम रहा। मुख्यमंत्री ने उनके दैनिक मानदेय में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुविधा और आवासीय व्यवस्था को लेकर कई घोषणाएं कीं। गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह, रामगढ़ ताल में आयोजित पीआरडी स्वयंसेवक सम्मेलन एवं संवाद कार्यक्रम का अंबेडकरनगर में भी लाइव प्रसारण किया गया।
500 से बढ़कर 600 रुपये हुआ दैनिक मानदेय
मुख्यमंत्री ने पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की। नई दर के लागू होने से जवानों को पहले की तुलना में प्रतिदिन 100 रुपये अधिक मानदेय मिलेगा।
जवानों के साथ परिजनों को भी कैशलेस इलाज
पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिजनों को कैशलेस चिकित्सा योजना से जोड़ा गया है। इसके तहत एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लिया जा सकेगा। उपचार सरकारी अस्पतालों के अलावा कैशलेस स्वास्थ्य योजना से जुड़े अस्पतालों में कराया जा सकेगा।
23 करोड़ की लागत से बनेगी पीआरडी की बहुमंजिला बैरक
पीआरडी जवानों के लिए लखनऊ के ग्राम परवर पश्चिम, सरोजनीनगर में 23 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला पीआरडी बैरक का शिलान्यास भी किया गया। इसके साथ ही पीआरडी स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने की मंशा भी मुख्यमंत्री ने व्यक्त की।
कानून व्यवस्था से लेकर बाढ़ और त्योहारों तक ड्यूटी
मुख्यमंत्री ने पीआरडी स्वयंसेवकों की भूमिका का उल्लेख करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। पुलिस बल के सहयोग से कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने, राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों, आपदा और बाढ़ की स्थिति, त्योहारों तथा विभिन्न कार्यालयों में ड्यूटी के दौरान उनके योगदान को रेखांकित किया गया। स्वयंसेवकों को अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।









