अंबेडकरनगर। 19 महीने से लंबित स्थानांतरण-समायोजन की प्रक्रिया को लेकर शिक्षामित्रों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया है। शिक्षामित्र शिक्षक संघ ने 23 अगस्त से जिला मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। संघ का कहना है कि जनवरी 2025 में शासनादेश जारी होने के बाद भी अब तक शिक्षामित्रों के स्थानांतरण-समायोजन और मूल विद्यालय वापसी की सूची जारी नहीं हुई है।
शिक्षामित्र शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एवं शिक्षामित्र केयर समिति के जिला संयोजक राम चंदर मौर्य ने कहा कि शासनादेश जारी हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से शिक्षामित्रों में नाराजगी है। संघ अब सूची जारी होने तक धरना जारी रखेगा।
15 अगस्त तक सूची का मिला था भरोसा
संघ के अनुसार एक अगस्त को जिला मुख्यालय पर हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान 15 अगस्त तक स्थानांतरण-समायोजन और मूल विद्यालय वापसी की सूची जारी करने का आश्वासन दिया गया था। समय सीमा बीतने के बाद भी सूची जारी नहीं हुई।
इसके बाद संघ ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। राम चंदर मौर्य के मुताबिक 23 अगस्त से शुरू होने वाला धरना सूची जारी होने तक जारी रहेगा।
मूल विद्यालय वापसी की सूची है मुख्य मांग
शिक्षामित्रों की मुख्य मांग स्थानांतरण-समायोजन के साथ मूल विद्यालय वापसी की सूची जारी कराने की है। संघ का कहना है कि जनवरी 2025 के शासनादेश के बावजूद प्रक्रिया लंबित है।
राम चंदर मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिले के शिक्षामित्रों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।









