अम्बेडकरनगर। तहसील जलालपुर में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह और मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला सहित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनसमस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे।
जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर निस्तारण कराया। जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश के साथ सौंप दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और हर शिकायत का समाधान पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
“जनसुनवाई में सख्ती और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन”
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों को केवल प्रक्रिया मानकर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में लिया जाए। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
पांच तहसीलों में पहुंचे सैकड़ों फरियादी, कई मामलों का हुआ त्वरित निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनपद की सभी पांच तहसीलों में शिकायतों का भारी दबाव देखने को मिला। जलालपुर में 111, टांडा में 40, आलापुर में 142, अकबरपुर में 98 और भीटी में 72 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें कई मामलों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को विभागीय स्तर पर निस्तारण के लिए भेजा गया।
“प्रशासन की प्राथमिकता: त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान”
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि हर शिकायत का समाधान तय समयसीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच भरोसे का माध्यम है।









