BBAU में छात्र को 6 महीने के लिए रेस्टीकेट, 12 हजार का जुर्माना

डकैती जैसे आरोप लगाने का दावा-फूड प्वाइजनिंग से छात्रा की मौत के बाद हुए हंगामे में 16 छात्रों पर FIR

लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में एलएलबी ऑनर्स के फाइनल ईयर के छात्र पवन चौधरी ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाया है। छात्र का दावा है कि उसे छह महीने के लिए कैंपस से रेस्टीकेट कर दिया गया है और 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पवन ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उस पर डकैती जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं और दलित छात्र होने के कारण उसके साथ अन्याय किया जा रहा है।

पवन चौधरी का कहना है कि विश्वविद्यालय बाबा साहेब के नाम पर स्थापित है और यहां एससी-एसटी वर्ग के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि विशेष अधिनियम के तहत स्थापित विश्वविद्यालय में ही उन्हें शिक्षा से वंचित किया जा रहा है।

छात्रा की मौत के बाद कैंपस में हुआ था हंगामा

मामला 28 अप्रैल का है। यूजी की छात्रा अनामिका सिंह की फूड प्वाइजनिंग से मौत की खबर के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का गुस्सा भड़क गया था। बड़ी संख्या में छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव किया था। इस दौरान कुछ छात्रों पर कुलपति आवास के अंदर तोड़फोड़ करने का आरोप लगा।

घटना के समय कुलपति आवास में मौजूद नहीं थे। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

16 छात्रों के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR

घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशियाना थाने में तहरीर देकर 16 छात्रों को नामजद किया था। इसके अलावा कई अज्ञात छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई थी। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की थी।

वहीं, कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों का कहना था कि हंगामे के दौरान भीड़ में कुछ बाहरी छात्र भी शामिल हो गए थे और उन्हीं लोगों ने तोड़फोड़ की थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित छात्रों की कैंपस में एंट्री पर भी रोक लगा दी थी।

करीब 20 छात्रों पर हुई कार्रवाई

BBAU के चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामचंद्र के मुताबिक, घटना को लेकर करीब 20 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि जिस घटना में छात्रों की संलिप्तता सामने आई थी, वह माफी योग्य नहीं थी।

हालांकि, छात्रों के भविष्य को देखते हुए और उनके माता-पिता के अनुरोध पर विश्वविद्यालय प्रशासन अब मामले पर दोबारा विचार करेगा।

28 अगस्त को बोर्ड की बैठक में होगा फैसला

चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि मामले पर पुनर्विचार के लिए बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। 28 अगस्त को बैठक में छात्रों की अपील पर फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने पर विचार किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button