iPhone 18 पर Apple का बड़ा बदलाव

बेस मॉडल की लॉन्चिंग टली- 9 सितंबर के इवेंट में नहीं आएगा स्टैंडर्ड मॉडल

Apple अपने 9 सितंबर को होने वाले सालाना इवेंट में स्टैंडर्ड iPhone 18 को लॉन्च नहीं करेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्यक्रम में कंपनी के तीन प्रीमियम डिवाइस पेश किए जा सकते हैं।

इनमें iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और कंपनी का पहला फोल्डेबल iPhone शामिल होने की उम्मीद है। स्टैंडर्ड मॉडल की लॉन्चिंग टालने के पीछे मेमोरी चिप की बढ़ती कीमत को प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

एक साल में 400% बढ़ी मेमोरी चिप की कीमत

मार्केट रिसर्च फर्म TrendForce के मुताबिक, 256GB मेमोरी चिप की कीमत पिछले एक साल में करीब 400% बढ़ चुकी है। इसका सीधा असर iPhone की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट पर पड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार, 256GB स्टोरेज वाले iPhone 18 Pro की कुल मैन्युफैक्चरिंग लागत पिछले मॉडल iPhone 17 Pro की तुलना में करीब 38% बढ़ गई है।

प्रो मॉडल में लागत का असर कम क्यों?

Apple के लिए प्रीमियम Pro मॉडल में बढ़ी हुई लागत को संभालना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। इसकी वजह यह है कि Pro मॉडल खरीदने वाले ग्राहक ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार रहते हैं।

वहीं, बेस मॉडल में लागत बढ़ने पर कंपनी के सामने दो विकल्प होते हैं—या तो मुनाफे का मार्जिन कम किया जाए या कीमत बढ़ाकर इसका बोझ ग्राहकों पर डाला जाए। इसी दबाव के चलते कंपनी ने स्टैंडर्ड मॉडल की लॉन्चिंग को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

मेमोरी की लागत में लगातार बढ़ोतरी

आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में 256GB Pro मॉडल के कुल कंपोनेंट खर्च में मेमोरी की हिस्सेदारी करीब 10% थी। 2026 में यह बढ़कर 34% हो गई है।

अनुमान है कि 2027 तक कुल कंपोनेंट लागत में मेमोरी का हिस्सा 40% से भी ज्यादा हो सकता है। इससे आने वाले समय में स्मार्टफोन कंपनियों की लागत पर और दबाव पड़ने की संभावना है।

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