श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वंदे मातरम के पूरे संस्करण के गायन को लेकर कांग्रेस और उसकी गठबंधन सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच मतभेद सामने आए हैं। श्रीनगर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक कार्यक्रम के दौरान पूरा वंदे मातरम गाया गया। कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपने पुराने रुख पर कायम रहने की अपील की।
विवाद सोमवार को जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान हुआ, जहां राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण गाया गया। इसके बाद कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कांग्रेस ने दो पैरा गाने की बात कही
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपील की कि वह कांग्रेस के साथ खड़ी रहे और वंदे मातरम के केवल दो पैरा गाए जाने के पक्ष में अपने रुख को कायम रखे।
वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम के उसी संस्करण को गाया जाना चाहिए, जिसे उस समय अपनाया गया था। उनका कहना था कि इस संस्करण को जानबूझकर चुना गया था, ताकि गीत को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश न हो।
नेशनल कॉन्फ्रेंस बोली- फैसला थोप नहीं सकते
कांग्रेस की अपील पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने साफ किया कि गठबंधन में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि कोई सहयोगी दूसरे दल पर अपनी शर्तें थोप सकता है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता बशीर अहमद ने कहा कि कांग्रेस को अपनी बात रखने और ट्वीट करने का अधिकार है, लेकिन वह पार्टी पर अपना फैसला लागू नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम गाना है या कितने हिस्से गाने हैं, यह लोगों की पसंद का विषय है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसी पर अपनी पसंद थोपने के पक्ष में नहीं है।









