नोएडा। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के IAS अधिकारी राकेश मेहता ने नोएडा में आत्महत्या कर ली। वह 75 वर्ष के थे। उनका शव सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के किराए के फ्लैट में पंखे से लटका मिला।
पुलिस को मौके से एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें बीमारी से परेशान होने की बात लिखी गई है। नोट में किसी व्यक्ति को घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
पत्नी के फोन नहीं उठाने पर गार्ड को भेजा
घटना के समय राकेश मेहता की पत्नी और पूर्व IAS अधिकारी सुमंती मेहता देहरादून में अपने बेटे के पास थीं। रविवार दोपहर उन्होंने राकेश मेहता को कई बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया।
लगातार संपर्क नहीं होने पर सुमंती मेहता ने सोसाइटी के गार्ड को फ्लैट पर भेजा। गार्ड के अंदर पहुंचने पर राकेश मेहता का शव पंखे से लटका मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
करीब पांच साल से नोएडा में रह रहे थे
राकेश मेहता मूल रूप से देहरादून के रहने वाले थे। वह करीब पांच साल से सेक्टर-82 की केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है। बेटा पीएचडी कर रहा है, जबकि शादीशुदा बेटी लंदन में रहती है।
परिजनों ने सोमवार को दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। मंगलवार को परिवार के लोग पुलिस के पास पहुंचे, जिसके बाद घटना की जानकारी सामने आई।
दिल्ली सरकार और नगर निगम में संभाले कई अहम पद
राकेश मेहता 1975 बैच के IAS अधिकारी थे। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार और नगर निगम में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। वह दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी अधिकारियों में भी माने जाते थे।









