- दो दिनों की जांच में 95 टन से ज्यादा खाद्य सामग्री और 172 लीटर दूध जब्त
- अहिल्यानगर में 3.95 करोड़ का 75 टन से ज्यादा बटर सील
- पुणे में दो वाहनों से 13 हजार किलो से ज्यादा पनीर और अन्य सामग्री पकड़ी गई
मुंबई। महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने त्योहारों से पहले मिलावट और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्यभर में अभियान चलाया। पिछले दो दिनों में अहिल्यानगर, पुणे, नासिक और बुलढाणा में हुई जांच के दौरान 95 टन से ज्यादा खाद्य सामग्री और 172 लीटर दूध जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 4.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
FDA के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
कोल्ड स्टोरेज से 3.95 करोड़ का बटर जब्त
अहिल्यानगर में FDA अधिकारियों ने एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर 75,368 किलो पाश्चराइज्ड अनसॉल्टेड कुकिंग बटर जब्त किया। इसकी कीमत करीब 3.95 करोड़ रुपये बताई गई है।
अधिकारियों को बटर के स्टॉक की गुणवत्ता खराब होने और लेबलिंग में गड़बड़ी की आशंका थी। इसके बाद स्टॉक को सील कर दिया गया। बटर के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुणे में दो वाहनों से पनीर और खोया पकड़ा
पुणे में FDA की टीम ने दो वाहनों को रोककर जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहनों से त्योहारों के दौरान बिक्री के लिए पनीर, खोया और दही ले जाया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि दूध से बने इन उत्पादों को ऐसे वाहनों में ले जाया जा रहा था, जिनमें तापमान नियंत्रित रखने की सुविधा नहीं थी। कर्नाटक से लाए गए पनीर के बिल भी नहीं मिले। कुछ खाद्य पदार्थ बिना सील वाली पॉलीथिन में रखे थे और उन पर आवश्यक जानकारी वाले सही लेबल भी नहीं थे।
पहले वाहन से 7,362 किलो सामग्री जब्त
FDA अधिकारियों ने पहले वाहन से 24 सैंपल लिए। जांच के दौरान 7,362 किलो पनीर और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 17.15 लाख रुपये बताई गई है।
अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए लिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे वाहन से 6,081 किलो पनीर पकड़ा
दूसरे वाहन की जांच के दौरान FDA टीम ने 12 सैंपल लिए। इस वाहन से 6,081 किलो पनीर जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 14.55 लाख रुपये बताई गई है।
FDA की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी के साथ महाराष्ट्र में त्योहारों का सीजन शुरू हो रहा है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर विभाग ने जांच अभियान तेज किया है।









