श्रीनगर। अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले पवित्र बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग अब घटकर करीब एक फीट रह गया है। सोमवार को सामने आई नई तस्वीर में शिवलिंग का आकार काफी छोटा दिखाई दिया। 3 जुलाई से शुरू हुई 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के पहले तीन दिनों में 56 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 18.6 प्रतिशत अधिक है।
जानकारी के अनुसार, 23 मई को जारी तस्वीर में हिम शिवलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी। वहीं 29 जून को पहली पूजा के समय इसका आकार 5 फीट से अधिक था। अब 6 जुलाई को सामने आई तस्वीर में हिम शिवलिंग का अधिकांश हिस्सा पिघल चुका है और इसका आकार लगभग एक फीट रह गया है।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के लिए करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। श्रद्धालु 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम (नुनवान) मार्ग और 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से पवित्र गुफा तक पहुंच रहे हैं। यात्रा 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी।
इस बीच जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना पंजीकरण यात्रा पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं से कुछ दिन इंतजार करने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार, 9 जुलाई तक के सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। बिना पंजीकरण वाले यात्रियों को चेक पोस्ट पर रोक दिया जाएगा और उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे जाने की अनुमति मिलेगी।
अमरनाथ का हिम शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से बनता है। गुफा की छत से टपकने वाला पानी अत्यधिक ठंड के कारण जमकर बर्फ का स्तंभ बनाता है। मौसम, तापमान और पानी की उपलब्धता के अनुसार हर वर्ष इसका आकार अलग-अलग होता है। यह किसी मानव द्वारा तराशा या बनाया नहीं जाता।









