2030 तक AI से खत्म नहीं होगी मानव सभ्यता: जेंसन हुआंग

एनवीडिया प्रमुख ने AI तबाही की भविष्यवाणियों को बताया ‘डूम्सडे नैरेटिव’, बोले- डर और पैनिक न फैलाएं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से 2030 तक मानव सभ्यता खत्म होने की चेतावनियों के बीच एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग ने इन दावों को खारिज किया है। CBS News को दिए इंटरव्यू में हुआंग ने कहा कि 2030 तक दुनिया खत्म होने की संभावना ‘0%’ है। उन्होंने AI को लेकर की जा रही ऐसी भविष्यवाणियों को ‘डूम्सडे नैरेटिव’ बताया और कहा कि लोगों को इस तरह की बातों से डराने की जरूरत नहीं है।

AI रिस्क पर टेक इंडस्ट्री में अलग-अलग राय

हुआंग का यह बयान ऐसे समय आया है जब AI की तेजी से हो रही प्रगति को लेकर टेक इंडस्ट्री में चिंता बढ़ी है। सितंबर में पूर्व एंथ्रोपिक रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने कहा था कि AI के विकास की मौजूदा रफ्तार मानवता के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। एंथ्रोपिक के रिसर्चर इवान ह्यूबिंगर और सैमुअल मार्क्स ने भी AI से बेहद गंभीर जोखिम की आशंकाएं जताई थीं।

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई समेत कुछ प्रमुख AI नेताओं ने भी उन्नत AI के संभावित खतरों और सुरक्षा उपायों की जरूरत पर चिंता जताई है। हालांकि, इन चिंताओं और 2030 तक मानव सभ्यता के खत्म होने की निश्चित भविष्यवाणी के बीच अंतर है।

हुआंग बोले- ऐसी भविष्यवाणियां विज्ञान पर आधारित नहीं

जेंसन हुआंग ने कहा कि AI से दुनिया खत्म होने जैसे दावे वैज्ञानिक आधार पर नहीं हैं। उनका कहना है कि AI के सुरक्षित विकास के लिए कंपनियों को जिम्मेदारी से प्रोडक्ट तैयार करने और सुरक्षा उपायों पर काम करने की जरूरत है, लेकिन लोगों के बीच डर फैलाना समाधान नहीं है।

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मौजूदा कानूनों के इस्तेमाल पर दिया जोर

हुआंग ने AI से जुड़े जोखिमों के लिए मौजूदा कानूनों के इस्तेमाल की वकालत भी की। उनका तर्क है कि साइबर सिक्योरिटी और नुकसान की जिम्मेदारी से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों को पहले लागू किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक AI के खतरे को लेकर ‘डूम्सडे’ वाली बहस के आधार पर पहले से लागू कानूनों से छूट नहीं मिलनी चाहिए।

AI इंडस्ट्री में एनवीडिया की बड़ी भूमिका

एनवीडिया AI इंडस्ट्री के लिए हाई-परफॉर्मेंस GPU और दूसरे कंप्यूटिंग चिप्स बनाती है। ये चिप्स बड़े AI मॉडल और AI एजेंट्स की ट्रेनिंग व संचालन में इस्तेमाल होते हैं। ओपनएआई समेत कई AI कंपनियां अपने सिस्टम के लिए इसी तरह के हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर हैं। इसी वजह से AI के भविष्य और उसकी सुरक्षा को लेकर हुआंग की राय को टेक इंडस्ट्री में खास महत्व दिया जाता है।

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