नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और लोगों के वोट देने के अधिकार से जुड़े मुद्दे उठाएगी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अब CJP का फोकस चुनाव आयोग में सुधार और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों पर रहेगा।
वोट के अधिकार को बताया अहम मुद्दा
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन स्कूलों, बेरोजगारी, इंफ्रास्ट्रक्चर और परीक्षाओं में गड़बड़ी जैसे मुद्दों पर अभियान चला सकता है, लेकिन यदि लोगों के वोट देने के अधिकार को लेकर ही सवाल खड़े हों तो ऐसे अभियानों का असर सीमित हो सकता है। उन्होंने चुनाव व्यवस्था में बदलाव को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम जरिया बताया।
14 आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद बदला फोकस
CJP ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के बाद अपना फोकस बदलने की बात कही है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में कहा गया कि इनमें चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज की गई थीं।
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फॉर्म-6 और वोटर डेटा से जुड़े मुद्दे
रिपोर्ट में फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा वोटर डेटाबेस के केंद्रीकरण जैसे मुद्दों पर आपत्तियों का जिक्र किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज की थीं।
चुनाव आयोग ने कहा- अंतिम फैसले सर्वसम्मति से हुए
इन रिपोर्टों के बाद चुनाव आयोग की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया। आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR समेत पिछले एक साल में लिए गए सभी अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के साथ सर्वसम्मति से हुए। आयोग ने कहा कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में विचार, सुझाव और टिप्पणियां सामने आना प्रक्रिया का हिस्सा है।









