चेन्नई। तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कमपट्टी सब-जेल से सोमवार देर रात 17 विचाराधीन कैदी फरार हो गए। आरोप है कि कैदियों ने जेल कर्मचारियों पर हमला करने के बाद फरार होने की घटना को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया। मंगलवार सुबह तक चार फरार कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि बाकी 13 की तलाश जारी है।
तबीयत खराब होने की सूचना देकर खुलवाया सेल
दक्षिणी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजयेंद्र बिदारी के मुताबिक, सभी 17 कैदी एक ही सेल में बंद थे। सोमवार देर रात जेल कर्मचारियों को सूचना मिली कि एक कैदी की तबीयत खराब हो गई है। इसके बाद कर्मचारी सेल में पहुंचे। इसी दौरान कैदियों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए।
फरार कैदियों की तलाश में 17 विशेष टीमें
घटना के बाद पुलिस ने फरार कैदियों को पकड़ने के लिए 17 विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चला रही है। साथ ही प्रमुख रास्तों पर वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि फरार कैदियों की आवाजाही का पता लगाया जा सके। रातभर चले अभियान के दौरान चार कैदियों को पकड़ लिया गया।
1995 में वेल्लोर से 43 एलटीटीई संदिग्ध हुए थे फरार
तमिलनाडु में जेल से फरार होने की बड़ी घटनाओं में वर्ष 1995 का मामला भी शामिल है। उस समय वेल्लोर किले के अंदर बने विशेष हिरासत शिविर से लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के 43 संदिग्ध सुरंग बनाकर फरार हो गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, यह सुरंग करीब 153 फीट यानी 47 मीटर लंबी थी।
थेनी की सब-जेल से 17 कैदियों के फरार होने की घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस बाकी फरार कैदियों को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है।









