मणिपुर में फिर हिंसा, दो नगा नागरिकों की मौत

सेनापति के पास गोलीबारी में दो घायल, एक दिन पहले चार नगा ग्रामीणों की हुई थी हत्या

  • कलेंजांग गांव में हथियारबंद लोगों ने की गोलीबारी
  • रॉकी माओ और कुमार पुमई की मौत
  • दो घायल अस्पताल में भर्ती
  • हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं

इंफाल। मणिपुर में हिंसा का सिलसिला एक बार फिर सामने आया है। शनिवार दोपहर सेनापति जिले के पास कलेंजांग गांव में हथियारबंद लोगों ने एक मुखिया के घर में मौजूद लोगों पर गोलीबारी कर दी। घटना में दो नगा नागरिकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। मृतकों की पहचान रॉकी माओ और कुमार पुमई के रूप में हुई है। घायलों की पहचान अदानी मैनियो और आशिहो सानी के रूप में की गई है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हमलावरों की पहचान स्पष्ट नहीं

स्थानीय सूत्रों ने हमले के पीछे कुकी समुदाय से जुड़े लोगों के होने का आरोप लगाया है, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से भी हमलावरों की पहचान को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में हमले के पीछे किसका हाथ था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

सीएम ने हिंसा की निंदा की

मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों के खिलाफ ऐसी हिंसा स्वीकार्य नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी हत्याओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और कहा कि नागरिकों को बिना डर के जीवन जीने का अधिकार है।

आर्थिक नाकेबंदी रोकने के ऐलान से पहले हुई वारदात

यह घटना यूनाइटेड नगा काउंसिल (UNC) की ओर से मणिपुर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर करीब चार महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी को अस्थायी रूप से रोकने के फैसले की घोषणा से लगभग एक घंटे पहले हुई। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने राज्य के कई इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। अधिकारियों के अनुसार सितंबर में तमाम जिलों में अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो चुकी है।

एक दिन पहले चार नगा नागरिकों की हत्या

इससे एक दिन पहले 24 सितंबर को मणिपुर के कामजोंग जिले के पिलोंग गांव में चार तांगखुल नगा नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतकों की पहचान फामी जाजो, निंगथेम काशक, बेटरसन जाजो और वरेइशिम जाजो के रूप में हुई थी। इनमें वरेइशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। पुलिस के अनुसार हमले में सीमा पार से आए संदिग्ध हथियारबंद लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। कुछ स्थानीय संगठनों ने KNA-B पर आरोप लगाया है, हालांकि ऐसे आरोपों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में जांच की स्थिति बताई गई है।

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लगातार हमलों से बढ़ी चिंता

पिलोंग में चार नगा नागरिकों की हत्या के बाद नगा संगठनों ने विरोध जताया था। इसके अगले ही दिन दो और नगा नागरिकों की हत्या से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सीमावर्ती इलाकों में हिंसा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों घटनाओं की जांच कर रही हैं।

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