नई दिल्ली। ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ऐसे तीन मोबाइल ऐप को एप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनके जरिए ब्लूटूथ कनेक्शन का इस्तेमाल कर ई-रिक्शा की बैटरी को बंद किया जा सकता था। आईटी मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
सरकार ने जिन ऐप्स पर कार्रवाई की है, उनमें BAT-BMS, Lossigy और EPOC Li-ion शामिल हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ये ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध दिखाई दे रहे थे।
चलते ई-रिक्शा को बीच रास्ते रोकने की मिल रही थीं शिकायतें
हाल के दिनों में कई शहरों, खासकर दिल्ली से शिकायतें सामने आई थीं कि कुछ लोग इन ऐप्स के जरिए ब्लूटूथ से ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट होकर उसे अचानक बंद कर देते थे। इससे चलते वाहन बीच सड़क पर रुक जाते थे, जिससे चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू की।
कमजोर सुरक्षा बनी बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ ई-रिक्शा में लगी लिथियम बैटरियों का ब्लूटूथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) पर्याप्त रूप से सुरक्षित नहीं था। कई सिस्टम बिना पासवर्ड या कमजोर सुरक्षा के काम कर रहे थे, जिससे सामान्य मोबाइल ऐप भी आसानी से उनसे कनेक्ट हो जाते थे।
यही वजह रही कि कुछ लोगों ने इस तकनीकी कमजोरी का फायदा उठाकर बैटरी को दूर से नियंत्रित करने की कोशिश की।
कारों में नहीं होती ऐसी समस्या
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक कारों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम में एन्क्रिप्शन और मल्टी-लेयर सुरक्षा का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए सामान्य मोबाइल ऐप उनके सिस्टम से कनेक्ट नहीं हो सकते। इसके विपरीत, कुछ ई-रिक्शा में सुरक्षा मानकों की कमी के कारण यह समस्या सामने आई।
सरकार अब ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।









