लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को दिनदहाड़े तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों में रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी, उनका कारोबारी बेटा और भाई शामिल हैं। पिता और बेटे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भाई ने ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वारदात सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाने को लेकर पड़ोसियों से विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया।
मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। सुयश इलेक्ट्रिक सामानों का कारोबार करते थे। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
चबूतरा बनवाने को लेकर पड़ोसियों से विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिवाजी तिवारी अपने घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे चबूतरा बनवाना चाहते थे। पड़ोस में रहने वाला परिवार इसका विरोध कर रहा था। सोमवार को चबूतरा बनवाने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और मारपीट हुई। इसके बाद दूसरे पक्ष की ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। गोली लगने से शिवाजी तिवारी और उनके बेटे सुयश तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शंभू तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
ट्रॉमा सेंटर में शंभू तिवारी ने तोड़ा दम
फायरिंग में घायल शंभू तिवारी को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस तरह वारदात में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई।
मृतकों में शिवाजी तिवारी सेवानिवृत्त सचिवालय कर्मचारी थे, जबकि सुयश तिवारी इलेक्ट्रिक सामानों का कारोबार करते थे। तीसरे मृतक शंभू तिवारी, शिवाजी तिवारी के भाई थे।
सआदतगंज के नौबस्ता इलाके में वारदात
घटना सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में हुई, जो जिला मुख्यालय से करीब 8.4 किलोमीटर दूर बताया गया है। दिनदहाड़े हुई फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी में विवाद की वजह चबूतरा बनवाने को लेकर पड़ोसियों के बीच हुआ झगड़ा बताई गई है।
मामले में आरोपियों की भूमिका, घटना के क्रम और विवाद के पीछे की पूरी वजह की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।









