अंबेडकरनगर। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आलापुर के आमादरबेशपुर स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर पीने के पानी के डिब्बों में महिला शौचालय की टोटी से पानी भरकर रखा जा रहा है। बाद में इसी पानी को शिक्षकों को पीने के लिए दिया जा रहा है। इस व्यवस्था को लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदारों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इसकी पुष्टि तमसा संकेत नहीं करता है।
पीने के पानी के डिब्बों को लेकर उठाई आपत्ति
शिक्षकों के मुताबिक, प्रशिक्षण केंद्र पर बड़ी संख्या में कार्मिकों को बुलाया जा रहा है। ऐसे में उनके लिए स्वच्छ पेयजल की अलग और उचित व्यवस्था होनी चाहिए। आरोप है कि महिला शौचालय की टोटी से पानी भरकर उसे पीने के लिए रखे गए डिब्बों में डाला जा रहा है। शिक्षकों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशिक्षण केंद्र पर पेयजल की गुणवत्ता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि शौचालय से पानी भरकर पीने के लिए उपलब्ध कराना उचित नहीं है।
व्यवस्था में सुधार और कार्रवाई की मांग
शिक्षकों ने मांग की है कि प्रशिक्षण केंद्र पर पीने के पानी के लिए स्वच्छ और सुरक्षित व्यवस्था की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि डिब्बों में पानी कहां से भरा जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने मामले की जांच कराकर लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।









