लखनऊ। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े कथित धर्मांतरण और यौन शोषण मामले में पुलिस की चार्जशीट में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोपी पूर्व डॉक्टर रमीजुद्दीन उर्फ रमीज और उसके माता-पिता पर महिला डॉक्टरों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाने, शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और बाद में धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोप हैं।
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी और उसके माता-पिता शुरुआत में खुद को धर्मनिरपेक्ष बताते थे। वे महिला डॉक्टरों से कहते थे कि सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और हर धर्म के त्योहार मनाते हैं। आरोप है कि इसी तरह विश्वास जीतने के बाद महिलाओं को रमीज के करीब लाया जाता था।
शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप
पुलिस की जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, रमीज साथी महिला डॉक्टरों को दोस्त के तौर पर अपने घर ले जाता था। वहां उसके माता-पिता भी उनसे सामान्य और सहयोगपूर्ण व्यवहार करते थे। आरोप है कि धीरे-धीरे महिलाओं का भरोसा जीतकर उन्हें रमीज के साथ रिश्ते में आने के लिए तैयार किया जाता था।
इसके बाद रमीज पर शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने और निजी तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार, इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल महिलाओं को धमकाने के लिए किया जाता था। कथित तौर पर उन्हें पीड़िताओं की सहेलियों और परिवार के सदस्यों तक भी भेजा गया।
धर्मांतरण से इनकार करने पर प्रताड़ना का आरोप
चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि संबंध बनने के कुछ समय बाद रमीज और उसके माता-पिता महिला डॉक्टरों पर धर्म बदलने का दबाव बनाने लगते थे। इनकार करने पर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
एक पीड़िता के बयान के आधार पर आरोप है कि रमीज के पिता सलीमुद्दीन शराब की बोतलें फेंककर मारते थे, जबकि उसकी मां खतीजा गर्म प्रेस से जलाती थीं। पुलिस का दावा है कि कथित प्रताड़ना और यौन शोषण से जुड़े डिजिटल साक्ष्य आरोपी के लैपटॉप और अन्य उपकरणों से मिले हैं।
नशे की दवा देकर दुष्कर्म और जबरन गर्भपात का आरोप
चार्जशीट में एक अन्य महिला डॉक्टर से जुड़ा गंभीर आरोप भी दर्ज है। उसके मुताबिक, रमीज के माता-पिता ने कथित तौर पर उसे नशे की दवा खिलवाकर रमीज से दुष्कर्म कराया था।
जांच में दो महिला डॉक्टरों के जबरन गर्भपात कराए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पीड़िताओं के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए थे। इन बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के माता-पिता की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
लैपटॉप और मोबाइल से डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा
पुलिस की जांच में आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल फोन से आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। आरोप है कि इनका इस्तेमाल पीड़िताओं को डराने, उनके परिवार और परिचितों से अलग करने तथा उन पर दबाव बनाने के लिए किया जाता था।
मामले में आरोपी रमीजुद्दीन के अलावा उसके पिता सलीमुद्दीन, मां खतीजा और निकाह में गवाह रहे शारिक खान के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ यौन शोषण, धमकी और जबरन धर्मांतरण से संबंधित धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया है।
चार्जशीट में आरोप, अदालत में सुनवाई बाकी
इस मामले में पुलिस ने पहले करीब 250 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। अब सामने आई विस्तृत जांच रिपोर्ट और नए आरोपों को लेकर भी चर्चा है। आरोपी और उसके परिजनों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।









