अंबेडकरनगर। शराब वितरण कंपनी में धोखाधड़ी, कूटरचित अभिलेख तैयार करने और धनराशि के गबन के मामले में वांछित आरोपी रवि चंद्र गिरि को राजेसुल्तानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर क्षेत्र भ्रमण के दौरान उसे पकड़ा। आरोपी मदैनिया गांव का निवासी है।
कंपनी के बिल डिलीट कर रकम खातों में भेजने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामले में अमित चंद्र गिरि देशी और अंग्रेजी शराब के साथ बीयर की लाइसेंसी वितरण कंपनी में वेतनभोगी एजेंट के पद पर नियुक्त था। आरोप है कि उसने अपने पद और कंपनी के भरोसे का दुरुपयोग किया। उसने अपने भाई रवि चंद्र गिरि, पिता गुलाब चंद्र गिरि और माता शीला गिरि के साथ मिलकर कथित तौर पर धोखाधड़ी और षड्यंत्र किया।
आरोप है कि कंपनी की धनराशि का गबन करने के उद्देश्य से एक्साइज रजिस्टर और कंप्यूटर पासवर्ड का दुरुपयोग किया गया। कंप्यूटर से बिल डिलीट कर कूटरचित अभिलेख और बिल तैयार किए गए। इसके बाद कंपनी की रकम परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के बैंक खातों में भेज दी गई।
उपनिरीक्षक रामसुमेर यादव की टीम ने की गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक राजेसुल्तानपुर के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रामसुमेर यादव और पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस ने रवि चंद्र गिरि पुत्र गुलाब चंद्र गिरि, निवासी मदैनिया, थाना राजेसुल्तानपुर को गिरफ्तार किया। वह इस मामले में वांछित चल रहा था।









